फ्लिप्कार्ट बिग बिलियन डे सेल!! एक फर्जीवाड़ा

Flipkart big billion day scam, steal deal

Flipkart big billion day scam, steal deal

Flipkart big billion day scam, steal deal

Flipkart big billion day scam, steal deal

Flipkart big billion day scam, steal deal

Flipkart big billion day scam, steal deal

ये कुछ तस्वीरें हैं, जिनमे आप देख सकते हैं कि फ्लिपकार्ट ने बिग बिलियन डे सेल से पहले अपने कुछ प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए थे. कई के दाम दूसरी ऑनलाइन शौपिंग वेबसाइट से बहुत ज्यादा थी.

पेशे से कंप्यूटर प्रोग्रामर निखिल वेंकट सोनती Quora पर लिखते हैं…. मेरे विचार से फ्लिप्कार्ट का बिग बिलियन डे सेल एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा था. पहले मैं बताता हूं कि मैंने क्या किया. बजाय इसके कि मैं हर ५ सेकंड में मनुअली पेज को रिफ्रेश करूं….मैंने steal deal में आये नए प्रोडक्ट को देखने के लिए पाइथन पर एक बहुत ही सिंपल स्क्रिप्ट लिखा. आप मेरा पाइथन स्क्रिप्ट यहां देख सकते हैं.

ये स्क्रिप्ट फ्लिप्कार्ट के Steal Deal सेक्शन में आने वाले हर नए प्रोडक्ट पर मुझे RING RING RING की आवाज़ दे कर बता देता. इसके साथ ही ये स्क्रिप्ट मुझे प्रोडक्ट का नाम, इसकी कीमत, मिलने वाला डिस्काउंट, प्रोडक्ट का स्टेटस (बिक गया या नहीं) मुझे मेल पर भी डिलीवर कर रहा था. एक बार जब स्क्रिप्ट ने अपना काम करना शुरू किया तो मैंने जो देखा वो बहुत ही अजीब था.

जैसे ही Steal Deal में कोई प्रोडक्ट आता, वो भी 90 % डिस्काउंट वाली जैसी चीज, ये 5 सेकंड के अन्दर ही बिक जाती. इसके दो ही मतलब हो सकते हैं, या तो 5 सेकंड के अन्दर ही किसी ने इसे खरीद लिया या फिर फ्लिप्कार्ट हमें अपने सॉफ्टवेयर से ये बता रहा है कि ये तो बिक चूका, आप कुछ और क्यों नहीं खरीदते. मुझे लगता है दूसरा वाला मामला यहां फिट बैठता है.

ऐसा कर फ्लिप्कार्ट एक बहुत बड़ा खरीददार वर्ग को लुभा भर रहा है, उसे प्रोडक्ट वाकई नहीं दे रहा है. जो दे रहा है वो ऊंची कीमत पर.

मुझे मेरे स्क्रिप्ट ने जो मेल किये हैं उनमे से कुछ आपके साथ शेयर कर रहा हूं….

Mail-1:



from: X@somemail.com
to: Y@somemail.com
date: Mon, Oct 6, 2014 at 6:11 PM
subject: Simmtronics Xpad X802 Tablet

Simmtronics Xpad X802 Tablet
Offer: Sold Out
Flat at Rs 99
http://www.flipkart.com/simmtron….



Mail-2:



from: X@somemail.com
to: Y@somemail.com
date: Mon, Oct 6, 2014 at 6:11 PM
subject: HGST Touro Mobile 2.5 inch 1 TB External Hard Disk

HGST Touro Mobile 2.5 inch 1 TB External Hard Disk
Offer: Sold Out
Flat 90% Off
http://www.flipkart.com/hgst-tou….



PS: Did anyone actually mange to buy any product in the “STEAL DEAL” section? (I mean the one’s with crazy discount, like 90% and above)

 

बच्चे की पढ़ाई और बच्चे की शादी का खर्च

आपके जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी आपको मिल गई है. आपने उस ख़ुशी का इजहार फेसबुक से लेकर ऑफिस तक में फोटो से लेकर मिठाई तक के रूप में कर दिया है. आपको लड़का हुआ हो या लड़की, ख़ुशी में कोई कमी नहीं है.

आप वो हर कर्मकांड कर रहे हैं, जिसे भारत में आपसे अलग बिरादरी के लोग नहीं करते हैं. छठी से लेकर सतिसा तक में आपने कम से कम 50 हजार खर्च कर दिए हैं.

ये आप ख़ुशी से नहीं कर रहे हैं. ये समाज करता है इसलिए आप कर रहे हैं. समाज भेड़ चाल में जीता है. एक ने किया, दूसरा भी उसके पीछे लग गया. इस भेड़ चाल को तोड़ना सीखिए. करीने से…करीने से नहीं तोड़ेंगे तो ये आवाज करेगा…बहुत तेज़ आवाज़.

खैर, मुद्दे पर आते हैं. बच्चे ने आपको ख़ुशी दी साथ ही थोड़ा जिम्मेदार भी बनाया. भारत में अगर लड़की हुई तो शादी के खर्च को लेकर लोग चिंतित होने लगते हैं. कहां से आएगा इतना सारा पैसा?

2014 में अगर किसी को लड़की हुई है तो 25 साल बाद उसे लड़की की शादी करने के लिए कम से कम 50 लाख रुपये चाहिए. और पढाई के लिए??? सोचा या सोचा ही नहीं…

अगर उस लड़की को पढ़ाने में आपने अगर इसका आधा भी खर्च किया तो यकीन मानिये ये 50 लाख रुपये आपको नहीं लगेंगे. इसलिए आप पढाई का खर्च निकालिए….और शादी का खर्च बचाइए. J

ये पढाई का खर्च आपको बेटा हो या बेटी, दोनों पर खर्च करने होंगे.

अब मैं असल मुद्दे पर आता हूं. 2014 में अगर किसी को बेटी/बेटा हुआ तो उसे 15 साल बाद उसकी पढाई के लिए कम से कम 25 लाख रुपये चाहिए होंगे.

उस 25 लाख को पाने के लिए आप कई चीजें कर सकते हैं.

  1. म्यूच्यूअल फण्ड में हर महीने आपको 2729 रुपये डालने होंगे. ये 15 साल बाद आपको आपके 15 लाख रुपये देने की क्षमता रखता है.
  2. पीपीएफ में आप हर महीने 4044 रुपये डाले, ये आपको 15 साल बाद 15 लाख रुपये दे देगा.
  3. आज आप 4.5 लाख रुपये की एफडी करा दीजिये. 15 साल बाद आपके पैसे 15 लाख हो जायेंगे.

 

इन सबको करने से पहले आपको ये जरूर कहना चाहूंगा कि आप अपने नाम से एक अच्छा अमाउंट का टर्म insurance और अपनी फैमिली के लिए हेल्थ insurance जरूर करा लीजिये. आपके नहीं होने की सूरत में ये आपके बच्चे की पढाई का खर्च पूरा कर देगा. एक और ध्यान देने वाली बात, अगर आप इन सब चीजों के बारे में नहीं जानते हैं इन सबके बारे में पढ़िए. और उसके बाद फैसला कीजिये.

क्या आप Insurance लेने जा रहे हैं, आपके लिए 5 जरूरी बातें

आप अब नौकरी करने लगे हैं या फिर आपने अपना काम शुरू किया है. और आपको अब अपने लिए insurance लेना है. तो आपको कुछ बातें पता होनी चाहिए. हम उन्हीं बातों को बता रहे हैं.

कितने का होना चाहिए insurance?

आपकी उम्र 30 साल है, आपकी शादी हो चुकी है और आप साल का 3 लाख रुपये कमाते हैं तो आपको कम से 50 लाख का insurance लेना चाहिए. इसके लिए आपको साल का कम से कम 5 हजार रुपये प्रीमियम के रूप में देना होगा.

50 लाख का insurance क्यों?

आप अपने घर के अकेले कमाने वाले हैं. insurance इसलिए कराया जाता है क्योंकि अगर आप नहीं हों तो आपके ऊपर आश्रित लोगों का गुजारा आराम से चल जाये. आपके नहीं होने की सूरत में आपकी पत्नी को 50 लाख रुपये मिल जायेंगे. जिससे वो कम से कम अगले 20 साल तक आराम से गुजारा कर सकती हैं.

कितने साल के लिए insurance लेना चाहिए?

आपको अपने लिए कम से कम आपके 60 साल तक होने तक insurance लेना चाहिए. अगर आप 30 के हैं तो 30 साल insurance और अगर आप 27 साल के हैं तो आपको कम से कम 33 साल के लिए insurance लेना चाहिए. 60 साल इसलिए क्योंकि ये आपके रिटायरमेंट की उम्र है, इसके बाद आपके ऊपर से जिम्मेदारी लगभग ख़त्म हो चुकी होती है.

हर 5-7 साल में इसका रिव्यू करें.

आपने 50 लाख का insurance लिया था, तब आपके ऊपर जिम्मेदारी कम थी. आप कम कमाते थे लेकिन अब 5-7 साल बाद आपके ऊपर जिम्मेदारी भी बढ़ गई है और पैसे भी आप ज्यादा आप कमाने लगे हैं. ऐसी सूरत में आपको अपने लिए 25 लाख का और insurance लेना चाहिए.

insurance के नाम पर एंडोमेंट और ULIP पालिसी नहीं लेनी चाहिए

आप insurance के नाम पर एंडोमेंट और ulip पालिसी लेकर गलत कर रहे हैं. इसमें आपको कवर बहुत कम मिलेगा लेकिन प्रीमियम ज्यादा देना होगा. और 15-20 साल बाद जो पैसा मिलेगा वो भी बहुत कम होगा.

टैक्स बचाने के कितने सारे तरीके

मेरे एक जानने वाले ने टैक्स बचाने के लिए एलआईसी की जीवन आनंद पालिसी ले ली. उनको ये पता था कि टैक्स केवल हाउस रेंट और एलआईसी की पालिसी से ही बच सकता है.

साल का 32 हजार का प्रीमियम. 5 लाख का कवर. अगर आपको टैक्स बचाना ही है तो इसका सबसे अच्छा उपाय ईएलएसएस फण्ड के रूप में मौजूद है. ईएलएसएस फण्ड के अलावा और भी कई प्रोडक्ट हैं जिनमें पैसे लगा कर आप टैक्स बचा सकते हैं.

एक नज़र

 

प्रोडक्ट का नाम इंटरेस्ट इन्वेस्टमेंट अमाउंट
पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड (पीपीएफ) 8.70 % 1.5 लाख तक
नेशनल सेविंग स्कीम (एनएससी) 8.6-8.9 % 1.5 लाख तक
इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) फिक्स रिटर्न नहीं 1.5 लाख तक
लाइफ insurance और ULIP का प्रीमियम फिक्स रिटर्न नहीं 1.5 लाख तक
एम्पलॉय प्रोविडेंट फण्ड 9.5 % 1.5 लाख तक

 

इन सबमें ईएलएसएस सबसे बेहतरीन है. 3 साल के लॉक इन वाले इस प्रोडक्ट में अगर आपका नजरिया 10 से 15 साल का है तो आप को 12 से 15 परसेंट तक का रिटर्न मिल सकता है.

कितने तरीके के म्यूच्यूअल फण्ड?

मेरे एक भाई हैं. मौसेरे भाई. उनके अनुसार 2 महीने पहले तक वो म्यूच्यूअल फण्ड के नाम से चिढ़ते से थे. लेकिन अब उन्हें ‘शायद’ वो डर खत्म हो गया है. शायद शब्द इसलिए कि अब उन्हें अब भी बाजार का सही-सही अंदेशा नहीं है. ऐसा मुझे लगता है. खैर वो डर जाते-जाते जाएगा. अगर वो अनुशासन में रहें तो.

तो ये खास पोस्ट उन्हीं जैसे लोगों को सोचते हुए लिख रहा हूं….

म्यूच्यूअल फण्ड कंपनियां कई स्कीम के तहत इन्वेस्टर से पैसे जमा कर उसे उन स्कीम के हिसाब से स्टॉक मार्केट, बांड्स, डिबेंचर में लगाती हैं. इन स्कीम चलाने वाली कंपनियों को म्यूच्यूअल फण्ड हाउस या एसेट मैनेजमेंट कंपनी या फिर एएमसी कहते हैं. जिनमें एचडीएफसी म्यूच्यूअल फण्ड, आईसीआईसीसी म्यूच्यूअल फण्ड, बिरला सन लाइफ म्यूच्यूअल फण्ड, रिलायंस म्यूच्यूअल फण्ड और यूटीआई म्यूच्यूअल फण्ड जैसे करीब 44 नाम शामिल हैं.

इनके कई सारे स्कीम होते हैं. हर का अपना एक गोल होता है, उसी के अनुसार से वो बाजार में पैसा लगाते हैं. इसलिए अगर आप खुद से किसी म्यूच्यूअल फण्ड में पैसे लगाने जा रहे हैं तो उसके ऑब्जेक्टिव को जरूर पढ़िए और समझिये.

जितने सारे स्कीम हैं, उनको मूल रूप से दो तरीके से बांटा जा सकता है.

  1. ओपन एंडेड स्कीम: ऐसे फण्ड में आप कभी भी पैसे डाल सकते हो और कभी भी पैसे निकाल सकते हो. इसमें पैसे लगाने पर कोई एंट्री चार्ज नहीं लगता है लेकिन अगर आप 365 दिन से पहले पैसे निकालते हैं तो वो आपसे 1 से 1.5 परसेंट तक चार्ज करते हैं.
  2. क्लोज एंडेड स्कीम: ये फण्ड समय-समय पर फण्ड हाउस निकलते रहते हैं. इसमें पैसा डालने पर आपका पैसा एक निश्चित समय तक लॉक हो जाता है. वो समय पूरा होने के बाद ही आप उसमें से पैसा निकाल सकते हैं. अमूमन ये लॉक इन पीरियड 3 साल का होता है. ये इससे ज्यादा भी हो सकता है.

 

गोल के हिसाब बांटा गए स्कीम

1). इंडेक्स फण्ड: इस तरीके का फण्ड मूल रूप से सेंसेक्स और निफ्टी के उन इंडेक्स में पैसा लगाता है जो वहां ट्रेड होते हैं. बैंकिंग इंडेक्स, निफ्टी इंडेक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स…ऐसे ही कई तरीके के इंडेक्स फण्ड होते हैं.

2.) इक्विटी फण्ड: ये लोगों फण्ड मैनेजर के साथ-साथ इन्वेस्टर का भी चहेता फण्ड होता है. इसमें शेयर मार्केट के सभी तरीके के स्टॉक शामिल होते हैं. लार्ज कैप, मिड कैप, स्माल कैप के अलग-अलग स्कीम होते हैं. ऐसे फण्ड का ज्यादातर पैसा इक्विटी मार्केट में लगता है. अगर आपका नजरिया 15-20 साल का है तो आप इसमें पैसा लगा कर अच्छा पैसा कमा सकते हैं.

3.) बैलेंस्ड फण्ड: इसका फण्ड मैनेजर बड़ा ही एक्टिव होता है. ये मीडियम रिस्क वाला फण्ड होता है, जिसमें पैसा डेट और इक्विटी के बीच शिफ्ट होता रहता है. लंबे समय के लिए ये भी एक अच्छा फण्ड है.

4.) डेट फण्ड: अगर आप एफडी में पैसा लगाते हैं तो फिर आप डेट फण्ड में पैसा लगाइए. आपको एफडी से ज्यादा रिटर्न मिलेगा. डेट फण्ड का पैसा गवर्नमेंट सिक्यूरिटी, बांड्स, कॉर्पोरेट एनसीडी में लगता है.

5.) ईएलएसएस फण्ड: अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा लगा कर टैक्स बचाना चाहते हैं तो फिर आपको ईएलएसएस फण्ड में पैसा लगाना चाहिए. लेकिन इसमें एक शर्त होती है. आप इसमें से पैसा 3 साल से पहले नहीं निकाल सकते हैं. बाकी अन्य टैक्स सेविंग प्रोडक्ट की तरह इसमें 5 साल से कम का लॉक इन होता है. इसलिए ये लोगों के बीच खासा मशहूर है. अब टैक्स बचाने की लिमिट 1.5 लाख रुपये हो गई है.

6.) लिक्विड फण्ड: अगर आपके पास कोई जरुरी पैसा है कुछ दिनों के लिए घर पर या आपके सेविंग अकाउंट में रखा हुआ है तो आप उस पैसे को लिक्विड फण्ड में डाल सकते हैं. ये फण्ड लो रिस्क फण्ड होता है. 2 महीने से लेकर एक साल तक ऐसे पैसे को लिक्विड फण्ड में रखा जा सकता है.

इसके अलावा ग्रोथ और डिविडेंड पेआउट आप्शन भी म्यूच्यूअल फण्ड का ही हिस्सा होता है. ग्रोथ आप्शन में आपका डिविडेंड का पैसा रिइन्वेस्ट हो जाता है जबकि डिविडेंड पेआउट में आपका डिविडेंड आपके अकाउंट में ट्रान्सफर कर दिया जाता है.

तो ये म्यूच्यूअल फण्ड का बेसिक है.

उम्मीद करता हूं कि इसको पढ़ कर मेरे भईया और उनके जैसे तमाम लोगों को थोड़ी और जानकारी मिली होगी.

 

आप इससे जुड़े हुए सवाल, प्रतिक्रियाएं जरूर भेजें. मैं आपके उत्तर देने की कोशिश करूंगा.

 

 

 

A B C के अलावा बच्चों को फाइनेंस भी सिखाइए

बच्चा दो साल का हुआ है और आप उसे A B C सिखाने लगे. थोडा और बड़ा हुआ तो आपने उसे सिखा दिया कि बताओ बेटा आपका नोज कहां है, ईअर और आई कहां है?

आप अपने बच्चे को को पढाई से लेकर संस्कार सब सिखाते हैं. कुछ सिखाते हैं और कुछ को हमारा समाज सिखाता रहता है. क्या आपने कभी उसे एफडी और रेकरिंग में अंतर बताया? क्या आपने उसे ये बताया कि शेयर मार्केट क्या चीज है? क्या आपने उसे कभी ये समझाने की कोशिश की, कि Insurance और इन्वेस्टमेंट दो अलग-अलग चीजें हैं?

इसका अपना महत्व है. ये भी उतना ही जरुरी है जितना 2+2= 4 का जानना. मैं ऐसे कई लोगों से मिल रहा हूं, जिन्होंने एलआईसी का कोई प्रोडक्ट लिया और अब उन्हें समझ आ रहा है कि उनसे गलती हो गई.

अभी कल ही अपने किसी जानने वाले से मिला हूं, जिन्हें अभी समझ आया है कि उन्हें बिरला का ulip प्लान नहीं लेना चाहिए था. मेरे एक दोस्त को आज भी ये बात नहीं समझ आई है….. ऐसे ही लोग अपनी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा वेस्ट कर देते हैं. उन्हें लगता है कि उन्होंने इन्वेस्ट किया है लेकिन वो पैसे को इन्वेस्ट की जगह वेस्ट कर रहे हैं.

Insurance और Investment दो अलग-अलग चीजें हैं. इन्हें अलग-अलग ही समझिये. जैसे ही आप इन्हें मिलायेंगे. आपको फायदा कम नुकसान ज्यादा होगा.

इस कारण अपने बच्चों को भी थोड़ा इसकी जानकारी दीजिये. आपने जो गलती की है कोई जरुरी नहीं कि वही गलती आपका बच्चा भी करे और तब सीखे. इसी कारण अपने बच्चों को, अपने आस-पास के लोगों को ईमानदारी से सही जानकारी पास करें.

एक प्रीमियम देने के बाद पालिसी से निकलना, सही या गलत?

Symbolic image: Confusion state of mind

Symbolic image: Confusion state of mind

आज कल लोगों से बात कीजिये तो पता चलता है कि उन्होंने टैक्स बचाने के चक्कर में जल्दी-जल्दी कोई एक पालिसी ले ली. ले ली कहिये या एजेंट ने पकड़ा दी. अब एजेंट तो भला टर्म Insurance तो देगा नहीं….क्योंकि उसमे उसे कमीशन के रूप में इतना भी नहीं मिलेगा कि वह अपने पेट्रोल का खर्च ही निकाल सके.

तो उसने सबसे पहले उसे एलआईसी का जीवन आनंद निकला और समझा दिया. टैक्स बचाने के लिए उसने भी तुरत फुरत में उसे ले लिया. उसके बाद साल-दो साल बाद उसे समझ में आया कि वो गलत चीज ले चुका है. अब वो क्या करे…उसे बहुत दिक्कत हो रही है…

इसी दिक्कत को कुछ उदहारण से दूर करने की कोशिश करते हैं…

उषा की नौकरी 25 साल में लगी. फरवरी के महीने में ऑफिस मेल से पता चला कि उसे टैक्स डिक्लेरेशन देना है. थोड़ी बहुत पूछताछ के बाद पता चला कि उसे कोई Insurance पालिसी ले लेनी चाहिए. और टैक्स बचाने के चक्कर में उसने कोई एंडोमेंट पालिसी ले ली.

5 लाख के इस कवर वाले पालिसी के लिए उसे 35 हजार रुपये साल के देने पड़ रहे हैं. 6 महीने बाद उसे किसी से पता चलता है कि उसने गलत पालिसी ले ली है. जो उसके लाइफ को भी सही से कवर नहीं करती है और ना ही 21 साल बाद उसे सही रिटर्न मिलता है.

अब वो क्या करे?

उसके पास कुल चार आप्शन हैं.

  1. पहला कि वो अब अपना अगला प्रीमियम ना भरे और अपने 35 हजार रुपये भूल जाये.
  2. दो साल और प्रीमियम भरे और उस पालिसी को paid up कर दे. उसके लिए उसे और 70 हजार रुपये खर्च करने होंगे.
  3. दो साल और प्रीमियम भरे और पालिसी surrender कर दे.
  4. अपनी पालिसी पूरे 15 साल चलाये और 15 साल बाद अपना पैसा निकाल ले.

अगर वो पहला आप्शन चुनती है तो उसे 35 हजार का नुकसान होगा.

दूसरा चुनती है तो उसे अपने अपने 1 लाख 5 हजार रुपये के लिए और 12 साल इंतजार करना होगा.

तीसरा चुनती है तो 1 लाख 5 हजार देने के बाद उसे कुल 45 से 50 हजार का नुकसान होगा.

और चौथा चुनती है तो उसे 15 साल बाद अपने दिए पैसे पर कुल 5.5 से 6 प्रतिशत का रिटर्न मिलेगा.

मेरी राय में उसे पहला आप्शन चुन लेना चाहिए. 35 हजार को वो भूल जाये और अगले 35+35= 70 हजार से… पहले 50 लाख रुपये का एक टर्म Insurance ले और उसके बाद 2 हजार मंथली का SIP कराये. 2 साल बाद उसके SIP पर अगर 10 % का भी रिटर्न माने तो उसके 2-2 हजार बढ़ कर 53 हजार हो चुके होंगे.

इसलिए उसे पहला आप्शन चुनना चाहिए.

आपके सवाल, प्रतिक्रियाओं और आलोचना का इंतजार रहेगा. :)

क्या आप भी इन्वेस्टमेंट करते हुए अपने पिता की तरह सोचते हैं?

कल अपने काम के सिलसिले में किसी दोस्त के घर पर बैठा हुआ था. बातों-बातों में इन्वेस्टमेंट की बात निकली. दोनों भाइयों को टर्म पालिसी लेनी थी. लेकिन वो किसी और का नहीं बल्कि एलआईसी का ही लेना चाहते थे.

मुझे लगा सही है, क्या पता उन्हें सेटलमेंट के बारे में आईडिया हो. और उसको समझते हुए उन्होंने एलआईसी लेने का मन बनाया हो. लेकिन बात कुछ और ही थी….

इसका पता मुझे म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में बताने के बाद लगा….वो म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा लगाना चाहते थे लेकिन वो भी एलआईसी म्यूच्यूअल फण्ड में ही. J जी हां, एलआईसी के ही म्यूच्यूअल फण्ड में.

मैंने बताया कि एलआईसी का म्यूच्यूअल फण्ड है लेकिन वो अच्छा फण्ड हाउस नहीं है. उनका कहना था, पैसे अगर लगाऊंगा तो एलआईसी में ही, वरना नहीं लगाऊंगा. मैंने उन्हें एसबीआई म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में बताया, तो वो फिर से मान गए….

उनका कहना था कि मेरे पापा केवल एलआईसी में ही पैसा लगाते हैं….इसलिए ये सवाल पूछना लाजिमी है कि कहीं आप भी अपना इन्वेस्टमेंट अपने पापा को सोच कर तो नहीं करते हैं….

मैंने उन्हें बताया कि एलआईसी म्यूच्यूअल फण्ड और एसबीआई म्यूच्यूअल फण्ड सरकारी कंपनी ना होकर एक प्राइवेट कंपनी है. क्या आपको ये बात पता है?

आप डरिये मत….विश्वास करना सीखिए. शुरुआत छोटी रकम से कीजिये. जब आपका विश्वास बनने लगे तब उसमें पैसे लगाइए.

Insurance से बाहर निकलने के तरीके

हम और आप कई बार अपने निर्णय पर फक्र कर रहे होते हैं लेकिन कुछ साल बाद हमें पता चलता है कि हमारा वो निर्णय हमारे पक्ष में नहीं था. एंडोमेंट पालिसी, मनी बैक पालिसी और ULIP प्लान के साथ ऐसा ही होता है.

जब आपको समझ आता है कि Insurance और इन्वेस्टमेंट को साथ-साथ नहीं बल्कि अलग-अलग करके चलना चाहिए. इन दोनों को साथ रखने से फायदा आपको नहीं होगा. ऐसे मौके पर क्या करना चाहिए.

किसी भी Insurance से निकलने से पहले आपको ध्यान रखना चाहिए कि आपके पास सही कवर है या नहीं. आपकी सालाना कमाई का कम से कम 10-12 गुना कवर आपके पास जरूर होना चाहिए. ये ले लेने के बाद ही आप अपने पुराने एंडोमेंट, ULIP या मनी बैक पालिसी से बाहर निकलें.

इसके दो तरीके हैं….

पहला है PAID UP और दूसरा है Surrender.

पहले paid up को समझते हैं. अगर आपकी पालिसी का टर्म 15 साल है और अगर आपने तीन साल पालिसी का प्रीमियम दे दिया है तो वैसे में आप उस पालिसी का प्रीमियम देना बंद कर दीजिये. वो खुद ब खुद paid up स्टेटस में चला जाएगा. इसके बाद आप अगले 12 साल बाद उससे पैसे निकाल सकते हैं. इसमें आपका दिया हुआ पूरा पैसा साथ ही उस तीन साल में आपको अगर कोई बोनस मिला होगा तो वो वापस हो जाएगा.

इसमें ध्यान देने वाली ये बात है कि पालिसी का जो भी लॉक इन पीरियड है, वो आप पूरा कर चुके हों. अगर आपने दो साल ही प्रीमियम दिया है तो फिर आपको इसमें से कोई भी पैसा नहीं मिलेगा.

दूसरा है Surrender
Surrender के तहत आपको दिए पैसे उसी समय मिल जाता है. इसके लिए आपको अपना पालिसी डॉक्यूमेंट लेकर नजदीकी ऑफिस में जाना होगा. एक फॉर्म भरने के बाद पैसे या तो चेक से या फिर आपके अकाउंट में ट्रान्सफर कर दिए जायेंगे. इसमें आपके प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा काट कर आपको पैसे लौटा दिए जायेंगे.
लोगों को सलाह दी जाती है कि वो अपना इन्वेस्टमेंट और Insurance को अलग-अलग रखें. इससे उन्हें दोनों चीजों का फायदा मिलेगा.

म्यूच्यूअल फण्ड की 5 बातें जो आपको समझनी चाहिए

आज भारत में काम करने वाली म्यूच्यूअल फण्ड की सभी कंपनियों के पास मिलाकर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये (986054 करोड़) जमा हैं.  जिनमें से आधा पैसा HDFC म्यूच्यूअल फण्ड, ICICI म्यूच्यूअल फण्ड, Reliance म्यूच्यूअल फण्ड, Birla Sun Life म्यूच्यूअल फण्ड और UTI म्यूच्यूअल फण्ड के पास जमा है.

आम जनता की गाढ़ी कमाई से लेकर इसमें बड़े-बड़े सेठ साहूकार और अब सरकार भी पैसा लगाने के बारे में सोच रही है.
म्यूच्यूअल फण्ड केवल इसलिए नहीं है कि आप महीने के कुछ पैसे बचा रहे हैं और आप उसमें पैसे डाल दे रहे हैं. ऐसी ही कई चीजों को समझने की जरुरत है

1. गोल निर्धारित करें: आप किन चीजों को पूरा करने के लिए म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा लगाना चाह रहे हैं. आपको गाड़ी खरीदनी है, घर खरीदना है, बच्चे की पढाई के लिए पैसे चाहिए या फिर आपको अपने रिटायरमेंट के लिए पैसे की जरुरत है. उस गोल को पूरा करने के लिए के लिए अपने फाइनेंसियल प्लानर से संपर्क कीजिये. वो आपको सही तरीके से समझा पाएंगे कि आपको हर महीना कितना पैसा डालना है.

उदहारण: प्रीति को एक बेटी है. जिसकी उम्र 2 साल है. प्रीति अपनी उस बच्ची के लिए 15 लाख रुपये चाहती है. जिससे वो अपनी बच्ची की पढाई के खर्च को पूरा कर सके. प्रीति को हर महीने 3000 रुपये म्यूच्यूअल फण्ड में डालने होंगे जिससे उसे 15 साल में 15 लाख मिल जायेंगे.

2.अनुशासित होकर निवेश करें: एक बार जब आप गोल निर्धारित कर लें तो फिर हर महीने अनुशासित होकर निवेश कीजिये. आपके छोटी-छोटी रकम एक दिन बड़ी रकम बन कर आपको फायदा देगी.

3.निवेश बनाये रखे: नीचे में खरीदो और ऊपर में बेचो ये तो सबको पता है लेकिन ये किसी को नहीं पता की एकदम नीचे और एकदम ऊपर किसको कहते हैं. इसलिए आप अपने कम उम्र से निवेश शुरू कीजिये और लंबे समय तक निवेश कीजिये. इससे Compound Intrest का फायदा आपको मिलेगा.

4. ज्यादा NAV का मतलब अच्छा फण्ड नहीं होता: जिस स्कीम का NAV ज्यादा होता है उसका मतलब अच्छा फण्ड होना एकदम नहीं होता है. तो इसपर बजाय ध्यान देने के की फलां स्कीम का NAV ज्यादा है, इसपर ध्यान देना चाहिए की कौन सा फण्ड हाउस और कौन सा स्कीम अच्छा है.

5.मॉनिटर करते रहिये: एक स्कीम अच्छा है, इसका मतलब ये नहीं है कि वो हमेशा ही अच्छा रहेगा. इसलिए जरुरी है कि आप हर छह महीने में इसे देखते समझते रहिये या अपने फाइनेंसियल प्लानर से इसके बारे में जानकारी लेते रहिये.

म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टमेंट का एक अच्छा टूल है लेकिन इसकी भी कुछ चीजों को आपको समझते रहना चाहिए.