कुछ अज्ञात बदमाशों ने डाक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी। इलाके में तनाव का माहौल है। शहर में कफ्यरू लगा दिया गया। यह घटनाएं, 1997, 1998 ..2007 बिना रूके होती चली आ रही हैं।
यह विश्व की ऐसी पहली घटना होगी जहां जीवित व्यक्ति अपनी मूर्ति का अनावरण अपने हाथों पर किसी सार्वजनिक स्थान पर करता है। मुमकिन है कि मैं सही बोल रहा हूं।
बीबीसी हिंदी के फोरम में जब इस बाबत सवाल पूछा गया तो लोगों ने कहा मायावती जनता के पैसे से मनमाना काम कर रही है, जिसका गरीबों से कोई लेना देना नहीं है। वह अपनी इच्छा को इस पांच साल में पूरा कर लेना चाहती है।
कुछ ने कहा कि दलित की बेटी ऐसा कर रही है इसलिए लोगों को चुभ रहा है।
इस मूर्ति की क्षति मायावती के कार्यकाल में हुई तो निगम के अधिकारी नपेंगे और अगर कार्यकाल के बाद हुआ तो दंगा होगा।
यह मूर्ति लगाई क्यों गई इसका मुझे कोई तर्कसंगत उत्तर नहीं दिख रहा है? कोई जानता हो तो जरूर बताये।


