ये भारत सरकार का नजरिया है साथ ही साथ हम आप लोगो का भी. क्या हम उन हॉकी खिलाडियों का ऐसे सम्मान करेंगे जिन्होंने वैसी ही मेहनत की जैसे हमारे क्रिकेट के खिलाडियों ने. दुखद और अफसोसजनक
Cartoon courtsey: Hindustan, 28 Sept 07
Dream comes true…U’ll get everything…
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28 Sep, 2007 3 Comments
26 Sep, 2007 572 Comments
गुजरात विकास कर रहा है। विदेशी निवेश के मामले में राज्य सबसे अव्वल है। खूब पैसे आ रहे हैं राज्य में। मेरा अपना मानना हुआ करता था कि गुजराती लोग बड़े अच्छे होते हैं। मीठी जबान, मीठा खान-पान।
लेकिन यह क्या.. भारतीय युवा टीम ने ट्वेंटी20 का पहला विश्व प्रतियोगिता जीता। पूरा का पूरा देश खुशी से झूम रहा है। सभी राज्य अपने खिलाड़ियों को सम्मान और पुरस्कार दे रहें हैं। लेकिन गुजरात के नेतागण कुछ और ही कह रहे हैं।
फाइनल में इरफान पठान की भूमिका के बारे में हम सभी जानते हैं। लेकिन जब पत्रकारों ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रवक्ता से इस बारे में पूछा तो जवाब कुछ यूं था -..यह जीत और जीतों की तरह ही थी। इसमें कुछ नया नहीं था। गुजरात की तरफ से पठान भाइयों को ना कोई सम्मान मिला और ना ही पुरस्कार।
क्या ऐसे होते हैं गुजराती..। यह मोदी के घटिया सोच की परिचायक है। मैं तो यही कह सकता हूं कि बड़ी घटिया सोच रखते हैं नरेंद्र मोदी।
News clipping courtsey: The Indian Express 26 Sep 07
25 Sep, 2007 3 Comments
कुछ चीज ऐसी हो जाती हैं जिसे जमाना हमेशा याद रखता है। हमेशा..। जो उस जमाने में नहीं होते वो कहते हैं कैसा लगता हो उस समय..। चीजें उस खास लम्हें से याद की जाती है।
बिट्टू का जन्म खग्रास सूर्यग्रहण के एक दिन बाद हुआ था। जब भारत ने क्रिकेट विश्व कप जीता था तो उस दिन मेरे घर में आया था। जिस दिन पोखरण में विस्फोट हुआ था मैं कलकत्ता जा रहा था।
और मैं दस साल बाद यह बोलूंगा कि जब धोनी की टीम ने जब ट्वेंटी20 विश्व कप जीता तब से ब्लाग लिख रहा हूं। इसे कहते हैं लैंडमार्क एचव्वीमेंट।
कल के खेल ने देखने वालों की सांस रोक दी थी। सोकर देखने वाले उठ कर बैठ गए थे। कुर्सी में बैठे लोग हिलने लगे थे। सड़के वीरान थी। लोगों ने जीत का अनुमान लगाकर पटाखों का इंतजाम कर लिया था। सब कुछ ठीक ठाक हो रहा था। और अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर एक पल को लगा कि.. धक.. लेकिन भारत मैच जीत चुका था।
कोई सीटियां बजा रहा था, तो कोई नाच रहा था। सभी लोग खुश थे। धोनी के मुताबिक यह मैच सच में अलग था।
युवा टीम को ढेरों बधाई।
24 Sep, 2007 2 Comments
पहले लोग जब मुझसे पूछते थे कहां के रहने वाले हो मैं कहता था रांची। रांची!!! ऐसे कहते थे लगता हो जैसे रांची भारत में नहीं पाकिस्तान में हो। उसके बाद मैं कहता था वहीं जहां के वित्त मंत्री हैं यशवंत सिन्हा। ओ अच्छा..अच्छा तो आप वहां के हैं। बड़ा बुरा लगता था कि यार इन लोगों को इतना नहीं पता कि रांची कहां है!
समय बदला राजग की सरकार केंद्र से हट गई और यशवंत सिन्हा भी वित्त मंत्री से हट गए। मैं सोचने लगा था कि अब क्या बताऊंगा?
लेकिन अब कोई नहीं रांची का नाम सुनने के बाद दोबारा कोई नहीं पूछता।
वजह, ‘झारखंड रत्न’ से सम्मानित महेंद्र सिंह धोनी रांची के रहने वाले हैं। यह अब सब जानते हैं।
अब लोग यह पूछते हैं कि आपका घर धोनी के घर से कितनी दूर है? हंसी आती है आज भी कि उन्हें रांची तो पता है लेकिन झारखंड नहीं। धोनी उनलोगों को भी बता देगा कि झारखंड कहां है?
धोनी जोहार!!
12 Jun, 2007 2 Comments
केंट काउंटी क्लब के चेयरमैन ग्राहम जानसन के चेहरे पर हंसी है और कहते हैं दिस इज रियली ए ग्रेट न्यूज (यह बड़ी अच्छी खबर है)। और यहां बीसीसीआई के लोगों के गाल लाल हो गए हैं।
अभी तक बीसीसीआई की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि ग्राहम फोर्ड ने कोच का पद क्यों ठुकराया। अब तक तो यह जानकारी सबको हो गई है कि फोर्ड का केंट से करार 2008 तक है तो क्या यह बात बीसीसीआई को नहीं पता थी। या वो पैसे यह सोचती है कि पैसे से सबकुछ संभव है।
क्या बीसीसीआई को भी सर्पदोष उतारने के लिए यज्ञ-हवन करना पड़ेगा? खैर उनके लिए पैसे से बड़ा कुछ नहीं है पैसा आ रहा है कोई फोर्ड आए या जाए पैसा नहीं जाना चाहिए।
फोर्ड ने कुछ तो सबक सिखा ही दिया होगा, देखते हैं बीसीसीआई इससे सीखती है या नहीं।
28 Mar, 2007 No Comments
Is baar South Africa ne apni apni kismat palat di. Aise kai match wo haar chuki hai. Jara wicket girne ki sthithi par gaur kare.
Fall of wickets: 1-1, 2-95, 3-160, 4-160, 5-182, 6-206, 7-206, 8-207, 9-207.
Jis malinga ne pahle 3 over mein 29 run diye the usi ne world cupmein ek naya record bana diya. Lagatar 4 gend par 4 wicket lekar South Africa ko ek samay mein mushkil mein daal diya tha. Final figure of Malinga: (9.2-0-54-4).
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26 Mar, 2007 2 Comments
23 Mar, 2007 3 Comments
fikr-e-aashiyan har khizam ki, aashiyan jala har bahar mein
kis tarah yeh gum bhul jayen hum, woh juda hua is bahaar mein.
Jiski charcha court room se lekar board room tak hoti hai. Sansad bhi iski charcha karna nahi bhulta hai. Blue billion se lekar Hu Haa aaya tak pata nahi kitne jumle diye gaye.
Lekin… Jab apna hi sikka khota ho to hum kise dosh de. Team India Sri Lanka se haar gai. Hamaare kagaji sher world cup mein is baar kagaj mein bhi gidad hi najar aaye.
Lekin… Ab kya kahe, kya sune. Jab anjaam ko hum jaan hi gaye. Har koi maayush hai. Kisi ne kaha kismat kharab thi. Cricket ki yah haar logo ko yaad rahegi.
Lekin… ab bhi hamaare news channel apna SMS ka karobar nahi chhodenge. Match ka mujrim se lekar space A, space B, Space C tak ki rat lagti rahegi.
Ab tera kya hoga Greg Chappel.
Yah haar 1996 mein mili semi final ki haar se bhi sadme wali hai. Sri Lanka ne us samay bhi apna danka peeta tha aur is baar bhi.
Jor ka Jhatka Jor se hi laga hai.
Report on BBC Hindi
23 Mar, 2007 1 Comment
Hame dosh mat dijiye. Hamara mann saaf hai. Cricket ki samajh hum puri duniya mein sabse jayada rakhte hain. isliye to hum do kamjor teamo ko bhi dekhne ke liye stadium mein toot padte hain. Kuch ne mujhe kaha ki hum khali baithe rahte hain isliye stadium pahunch jaate hain. Maine uska jordaar virodh kiya aur kaha nahi mere bhai ye humari cricket ki samajh hai. Kyon aap kya bolte hain?
Image Source: Hindustan
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