नौकरी छोड़ कर अपना काम करते हुए 6 महीने होने को चले. इस काम में बहुत संभावना है. लोग पर्सनल फाइनेंस से अनजान किसान विकास पत्र और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट लेने में बिजी हैं. अब उनके लिए क्या कहा जाए… या तो अब तक उन्हें इनके टैक्सेशन के बारे में सही से मालूम नहीं है या फिर किसी ने उन्हें बरगलाया है.

इस सेक्टर में काम करने वाले लोगों ने इसे मिस सेलिंग का अड्डा बना दिया है. गारंटी के साथ प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं. लोगों को सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं. जो अब तक नहीं हुआ वह तक की बातें कही जा रही है.

ईमानदारी गई.

एक-एक बंदा डरा हुआ दिखता है. समझाया कुछ जाता है, बेचा कुछ और जाता है. इसमें केवल प्रोडक्ट देने वालों की गलती नहीं है. लेने वाला भी अपना होम वर्क नहीं कर रहा है.

कोई एलआईसी का फैन है. उसे म्यूच्यूअल फण्ड भी एलआईसी का ही चाहिए. किसी को टर्म insurance चाहिए लेकिन ऐसा जिसमें प्रीमियम वापस हो जाए. इसमें तो लेने वाले की गलती है. कैसे उन्हें समझाया जाए?

तो आप इन्वेस्टर लोगों से फिर एक बार अपील….

रूल नंबर 1. insurance के साथ इन्वेस्टमेंट वाला प्रोडक्ट ख़राब होता है. इसका मतलब NO टू एंडोमेंट एंड ULIP.

रूल नंबर 2. जो भी आप ले रहे हैं, उसके बारे में थोड़ा होम वर्क कीजिए. म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? कैसे काम करता है, इसे पढ़िए.