अच्छा है लेकिन बहुत अच्छा नहीं है. क्योंकि आप पहले स्टेप को तो समझ पाए लेकिन उसके मूल अंतर को नहीं…

सेविंग और इन्वेस्टमेंट एक नहीं होता है. दोनों में एक बुनियादी फर्क ये है कि एक आपके पैसे को बढ़ाता है और दूसरा आपके पैसे को जोड़ता है.

सेविंग = 1 + 2 + 3 + 1 + 7 = 14

इन्वेस्टमेंट = 1 + 2 + 3 + 1 + 7 = 20 हो जाए….

इसको और थोड़ा सिंपल शब्दों में कहूं तो ऐसे समझिये कि आपके जोड़े हुए पैसे से महंगाई को आप मात दे पा रहे हैं या नहीं. अगर जवाब हां है तो आप इन्वेस्ट कर रहे हैं और अगर जवाब ना है तो आप महज केवल सेविंग कर रहे हैं.

क्योंकि महंगाई तो बढ़ेगी ही…कम से कम भारत की बात की जाए…जापान में महंगाई गिर रही है.

अगर आप अपने बैंक अकाउंट में इमरजेंसी फण्ड के अलावा 1 लाख रुपये रखते हैं तो आप ‘धनवान नासमझ’ हैं. आपको फाइनेंसियल अलिफ़, बे, पे…. समझने की जरुरत है.

पहला पायदान है कि आप बचाइए और दूसरा कि आप इन्वेस्ट कीजिए….

महंगाई से लड़ने के साधन जानिए….