मेरा दोस्त खेल प्रेमी है…नहीं क्रिकेट प्रेमी है…नहीं वह कुछ और है… सायना नेहवाल को नहीं जानता (ये सानिया मिर्जा हैदराबादी नहीं ये हिसार की हैं, बैडमिंटन खेलती हैं) हां तो मेरा दोस्त आज दुखी है. पाकिस्तान टी 20 विश्व कप का चैंपियन हो गया ना…कहता है ये कौन सायना! सायना नहीं जीतती और पाकिस्तान भी नहीं जीतता तो मैं ज्यादा खुश होता…
पता नहीं क्या कहना चाहता है…मेरी समझ में तो नहीं आया.. लोग अपने दुख से दुखी नहीं हैं, दूसरों (पड़ोसी) के सुख से दुखी हैं.
बड़े दिनों बाद ब्लाग पर लिख कर अच्छा लग रहा है.







चलो पाकिस्तान के बहाने ब्लॉग में तेल तो डाला .वर्ना ये भी सर्विस मांग रहा था
बिलकुल सही.. लोग दुसरो के सुख से ही दुखी होते है… पर आपको इतने दिनों बाद देखकर बढ़िया लगा..
इतने दिने बाद आपको पढ़के अच्छा लगा ..आप तो गुम ही हो गए थे ..अब सक्रिय रहा करें.
बहुत दिनों बाद दिखे.
दुखी होना दूसरों को सुखी देख तो आदत का हिस्सा हो लिया है.
आपके ब्लॉग पर मौजूद पुराने पोस्ट पर मेरे नाम से किसी शरारती आदमी ने कमेंट किया और बाकी लोगों ने मिलकर मेरी छेछालेदकर करके अपने को धन्य समझ लिया । आपसे आग्रह है कि मेरे नाम से की गई टिप्पणी , जो मैंने नहीं की है , उसे हटा लें । मैंने तो न तो आपका ब्लॉग देखा था , न हीं मैं ऐसी टिप्पणी करता । किसी ने जानबूझ कर मेरा नाम खराब करने की कोशिश की है ।
गूगल पर सर्च के दौरान मैं आपके ब्लॉग पर पहुंचा तो मुझे पता चला कि ब्लॉगर ये काम भी करते हैं । किसी और ब्लॉग पर मेरे नाम से टिप्पणी की गई है । अगर मुमकिन हो तो आप मुझे टिप्पणी करने वाले का आईपी एड्रेस उपलब्ध करा दें ,मैं भी जानना चाहता हूं कि मेरे कौन से शुभचिंतक हैं , जो मेरे नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं ।
अजीत अंजुम
इसकी वजह देशभक्ति भी हो सकती है