मेरे एक ब्लागरोल का नाम है। इसके मुतालिक अनुभवी ज्ञानदत्त पाण्डेय जी ने एक पोस्ट लिखा। बड़ा अच्छा पोस्ट लिखा है। पाठकगण आप लोग भी इसे पढ़े।

पूरा पोस्ट मैंने भी पढ़ा, वहां टिप्णणी देने के बजाए, सोचा एक पोस्ट लिख देता हूं। लिखने लगा तो दो शे’र याद आने लगे। शायर का नाम याद नही. किसी पाठक को पता हो तो जरुर बताये. अग्रिम धन्यवाद आप भी पढे़,

कहां से आ गई दुनिया कहां, मगर देखो
कहां-कहां से अभी भी कारवां गुजरता है।

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बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ जिंदगी, हम दूर से भान लेते हैं।