Dhoni with T20 cup

कुछ चीज ऐसी हो जाती हैं जिसे जमाना हमेशा याद रखता है। हमेशा..। जो उस जमाने में नहीं होते वो कहते हैं कैसा लगता हो उस समय..। चीजें उस खास लम्हें से याद की जाती है।

बिट्टू का जन्म खग्रास सूर्यग्रहण के एक दिन बाद हुआ था। जब भारत ने क्रिकेट विश्व कप जीता था तो उस दिन मेरे घर में आया था। जिस दिन पोखरण में विस्फोट हुआ था मैं कलकत्ता जा रहा था।

और मैं दस साल बाद यह बोलूंगा कि जब धोनी की टीम ने जब ट्वेंटी20 विश्व कप जीता तब से ब्लाग लिख रहा हूं। इसे कहते हैं लैंडमार्क एचव्वीमेंट।

कल के खेल ने देखने वालों की सांस रोक दी थी। सोकर देखने वाले उठ कर बैठ गए थे। कुर्सी में बैठे लोग हिलने लगे थे। सड़के वीरान थी। लोगों ने जीत का अनुमान लगाकर पटाखों का इंतजाम कर लिया था। सब कुछ ठीक ठाक हो रहा था। और अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर एक पल को लगा कि.. धक.. लेकिन भारत मैच जीत चुका था।

कोई सीटियां बजा रहा था, तो कोई नाच रहा था। सभी लोग खुश थे। धोनी के मुताबिक यह मैच सच में अलग था।

युवा टीम को ढेरों बधाई।