आह! सच में उंगलियां काफी दर्द कर रही थीं। बमुश्किल 6 पन्ना लिखा होगा। यह जरूर है कि कई दिनों बाद इतना कलम घिसना पड़ा।

कहीं के लिए परीक्षा देने गया था। परीक्षा तो बढ़िया रही लेकिन कलम से लिखते-लिखते हाथ और उंगलियां दुखने लगी थी। महसूस हुआ कि कंप्यूटर ने कलम की जान निकाल दी।

आज कल सारे काम कंप्यूटर पर ही होते हैं। पेन और पेपर लेस वर्क। पेन का काम केवल प्वाइंटस लिखने का रह गया है। और पेपर का प्रिंट आउट निकालने भर। बहुत हुआ तो दोनों की सहायता से आवेदन लिखा जाता है। अब तो वह भी खत्म होता जा रहा है- ई मेल ही लिख देते हैं।

आने वाले समय में सुंदर हैंड राइटिंग जैसी चीज ही खत्म हो जाएगी। सभी काम कंप्यूटर पर या फिर डिजिटल डायरी..। बदलता मौसम, बदलते साधन के साथ सब कुछ बदलता है। हम आप भी बदल जाएंगें।