इनकी लेखनी आपको आहत कर सकती है। इनके शब्‍द या यूं कहें पूरी लेखनी आपको भी इनके लिए भडासी बना सकती है। लेकिन यह हैं बडे प्‍यारे लोग। आज ब्‍लागर्स मीट से आने और जाने के क्रम में दो भडासियों से जान पर‍िचय हुई। यशवंत जी और सच‍िन जी। इनकी बातों से मैंने जो समझा जो जाना कि यह ह़दय से बडे साफ हैं। यह किसी को आहत नहीं करना चाहते।

 हां अपनी बात रखने का ढंग थोडा जुदा है। यही इनकी पहचान है। लेकिन इन्‍हें कुछ चीजों से तो बचना ही चाहिए। अब किन चीजों से बचना चाहिए ये तो वो भी बेहद अच्‍छी तरीके से जानते होंगे।